मुरैना में दस्तक महाअभियान का आगाज, कुपोषण और एनीमिया के खिलाफ घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य टीम
पहली बार डीएसएस तकनीक से होगी बच्चों की रियल-टाइम स्क्रीनिंग, विटामिन-ए की खुराक के साथ शुरू हुआ विशेष अभियान

मुरैना में दस्तक महाअभियान का आगाज, कुपोषण और एनीमिया के खिलाफ घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य टीम
पहली बार डीएसएस तकनीक से होगी बच्चों की रियल-टाइम स्क्रीनिंग, विटामिन-ए की खुराक के साथ शुरू हुआ विशेष अभियान
मुरैना, 14 जुलाई 2026। जिले में पांच वर्ष तक के बच्चों को कुपोषण, एनीमिया और अन्य गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से मंगलवार को दस्तक महाअभियान का शुभारंभ जिला चिकित्सालय मुरैना से किया गया। अभियान का उद्घाटन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पद्मेश उपाध्याय सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाकर अभियान की औपचारिक शुरुआत की गई।
कार्यक्रम में सिविल सर्जन एवं मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. गजेंद्र सिंह तोमर, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. अजय गोयल, एविडेंस एक्शन के तकनीकी सलाहकार एवं संभागीय समन्वयक ऋषिकांत पाण्डेय, टीकाकरण प्रभारी श्रीमती मुन्नी राजावत सहित स्वास्थ्य विभाग का मैदानी अमला मौजूद रहा।
अभियान का उद्देश्य पांच वर्ष तक के बच्चों में कुपोषण, गंभीर एनीमिया और अन्य गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर उन्हें त्वरित उपचार उपलब्ध कराना है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच करेंगी और जरूरतमंद बच्चों को तत्काल चिकित्सा सेवाओं से जोड़ा जाएगा।
घर-घर होगी बच्चों की स्वास्थ्य जांच
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पद्मेश उपाध्याय ने कहा कि दस्तक अभियान जिले के बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रत्येक गांव और बस्ती में पहुंचकर बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन करेंगी तथा कुपोषण और गंभीर बीमारियों से प्रभावित बच्चों की पहचान कर समय पर उपचार सुनिश्चित करेंगी।
उन्होंने कहा कि जिले के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और गंभीर रूप से बीमार बच्चों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
विटामिन-ए से बढ़ेगी रोग प्रतिरोधक क्षमता
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. अजय गोयल ने बताया कि अभियान के दौरान 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन-ए की खुराक दी जा रही है। यह बच्चों की आंखों की रोशनी को बेहतर बनाए रखने के साथ उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने शत-प्रतिशत टीकाकरण और विटामिन-ए कवरेज सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
पहली बार डीएसएस तकनीक से होगी रियल-टाइम मॉनिटरिंग
इस वर्ष दस्तक अभियान की सबसे बड़ी विशेषता डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) तकनीक का उपयोग है। एविडेंस एक्शन के तकनीकी सलाहकार एवं संभागीय समन्वयक ऋषिकांत पाण्डेय ने बताया कि पहली बार इस डिजिटल तकनीक के माध्यम से प्रत्येक बच्चे की स्वास्थ्य जांच, स्क्रीनिंग और रेफरल प्रक्रिया की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी।
डीएसएस प्रणाली की मदद से अति कुपोषित (SAM) और गंभीर रूप से बीमार बच्चों की पहचान अधिक सटीक और तेज़ी से की जा सकेगी। ऐसे बच्चों को तत्काल पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) अथवा उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर कर समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
अभियान की प्रमुख विशेषताएं
पांच वर्ष तक के बच्चों में कुपोषण, एनीमिया और गंभीर बीमारियों की घर-घर जाकर जांच।
9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन-ए की खुराक।
पहली बार डीएसएस (Decision Support System) तकनीक से रियल-टाइम स्क्रीनिंग और ट्रैकिंग।
अति कुपोषित (SAM) एवं गंभीर रूप से बीमार बच्चों की त्वरित पहचान और रेफरल।
अभिभावकों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि तकनीक आधारित यह दस्तक महाअभियान न केवल बच्चों में कुपोषण और एनीमिया की समय रहते पहचान करेगा, बल्कि उन्हें शीघ्र उपचार उपलब्ध कराकर जिले में बाल स्वास्थ्य संकेतकों में भी उल्लेखनीय सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


