ग्वालियर 03 सितम्बर 2026/ ग्वालियर जिले में भी 9 सितम्बर से राष्ट्रीय पोषण माह की गतिविधियां शुरू होंगीं। इस साल मनाया जा रहा 9वाँ राष्ट्रीय पोषण माह ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ की थीम पर केन्द्रित रहेगा। अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ मूर्तरूप दिया जाएगा। 
    महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के अंतर्गत यह पोषण माह आंगनवाड़ी केन्द्रों को पोषण, देखभाल और प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास की गतिविधियों का प्रभावी केन्द्र बनाते हुए समुदाय की सक्रिय भागीदारी और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।  
    इस वर्ष पोषण माह को केवल जागरूकता अभियान तक सीमित न रखते हुए समुदाय को आंगनवाड़ी केन्द्रों से जोड़ने और पोषण सेवाओं में उसकी भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके लिए जिलेभर में स्थानीय खाद्य पदार्थों, संतुलित आहार, पर्याप्त प्रोटीन, बच्चों के प्रारंभिक विकास, गर्म पके भोजन की गुणवत्ता तथा मातृ स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियां आयोजित होंगी।

स्थानीय खाद्य पदार्थों से सजेगा पोषण का संदेश

    आहार विविधता और पर्याप्त प्रोटीन को लेकर आंगनवाड़ी केन्द्रों पर स्थानीय एवं कम लागत में उपलब्ध खाद्य पदार्थों से पौष्टिक व्यंजनों की रेसिपी डेमोंस्ट्रेशन गतिविधियां होंगी। पोषण मेलों के माध्यम से स्थानीय सुपर फूड, मौसमी फल-सब्जियों, दालों, अनाज, मिलेट्स, दूध एवं दुग्ध उत्पाद, मेवा और बीज सहित प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थों की उपयोगिता बताई जाएगी।
    ‘प्रोटीन रिच फूड’ अभियान के माध्यम से परिवारों को रोजमर्रा के भोजन में किफायती और आसानी से उपलब्ध प्रोटीन स्रोत शामिल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। आंगनवाड़ी केन्द्रों की पोषण वाटिकाओं में उत्पादित खाद्य पदार्थों तथा स्थानीय मौसमी खाद्य सामग्री को भी प्रदर्शित कर उनके नियमित उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा।
    आंगनवाड़ी केन्द्रों पर 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को दिए जाने वाले गर्म पके भोजन की गुणवत्ता और विविधता पर विशेष ध्यान रहेगा। स्थानीय उपलब्धता के अनुसार खाद्य सामग्री में विविधता सुनिश्चित करने के साथ साप्ताहिक मेन्यू को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा।
    आंगनवाड़ी केन्द्रों पर गर्म पके भोजन की तैयारी, स्वच्छता और संतुलित पोषण को प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न डेमोस्ट्रेशन किए जाएंगे। इनमें बच्चों के पालक, पंचायत प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूह और मातृ समितियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
    ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ की थीम को धरातल पर उतारने के लिए समुदाय की निगरानी और सहभागिता सुनिश्चित करने के प्रयास होंगे। समुदाय को भोजन की गुणवत्ता, मात्रा और मेन्यू के अनुसार वितरण की निगरानी में भी सहभागी बनाया जाएगा।

पहले 1000 दिन पर विशेष फोकस, विकासात्मक विलंब की होगी पहचान

    बाल विकास के लिए पोषण के साथ गुणवत्तापूर्ण देखभाल को भी पोषण माह का प्रमुख हिस्सा बनाया गया है। विशेष रूप से जीवन के पहले 1,000 दिनों में उचित पोषण और संवेदनशील देखभाल के महत्व को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
    आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा संशोधित होम विजिट शेड्यूलर के माध्यम से बच्चों के विकास और अभिभावकों की काउंसलिंग पर जोर दिया जाएगा। नवचेतना और आधारशिला पाठ्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ विकासात्मक विलंब वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें स्वास्थ्य विभाग एवं आरबीएसके राष्ट्रीय स्वास्थ्य बाल कार्यक्रम टीम के माध्यम से आवश्यक सेवाओं के लिए रेफर किया जाएगा।


प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से शतप्रतिशत महिलाओं को लाभान्वित कराने के प्रयास होंगे

    पोषण माह के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को भी व्यापक रूप से जोड़ा जाएगा। पात्र गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को योजना से जोड़ने के लिए 100 प्रतिशत सैचुरेशन ड्राइव चलाया जाएगा। लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर सत्यापन, स्वीकृति और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी।योजना की पात्रता, मिलने वाले लाभ, किश्तों और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी महिलाओं तक पहुँचाई जायेगी।

आंगनवाड़ी बनेगी पोषण और बाल विकास की सामुदायिक प्रयोगशाला

    राष्ट्रीय पोषण माह-2026 के माध्यम से मध्यप्रदेश में आंगनवाड़ी केन्द्रों को केवल सेवाएं उपलब्ध कराने वाले केन्द्र के बजाय समुदाय की साझेदारी से पोषण, स्वास्थ्य, देखभाल और प्रारंभिक बाल विकास की सामुदायिक प्रयोगशाला के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा। ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ समाज में जागरूकता के साथ स्पष्ट संदेश है कि बच्चों का पोषण और उनका समग्र विकास केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।