ग्वालियर 03 सितम्बर 2026/ किसानों को खेती के लिए समय पर ऋण उपलब्ध कराने और कृषि से जुड़ी आवश्यक सुविधाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में प्राथमिक कृषि सहकारी संस्थाएं (पैक्स) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सहकारिता विभाग द्वारा सरकार की मंशा के अनुरूप जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों के माध्यम से किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ उन्हें कृषि संबंधी सुविधाओं का लाभ भी दिलाया जा रहा है।
    वर्तमान खरीफ मौसम में गत 01 अप्रैल से 21 अगस्त तक जिले के 2944 किसानों को कुल 17 करोड़ 51 लाख रुपए का ऋण वितरित किया गया है। इससे किसानों को खेती की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध हुई है। वहीं, सहकारी ऋणों की वसूली में भी जिले ने बेहतर प्रदर्शन किया है। अकालातीत ऋणों की 95 प्रतिशत वसूली सुनिश्चित की गई है।

सदस्यता बढ़ी, किसानों तक पहुंचा सहकारिता का लाभ

    सहकारिता विभाग द्वारा चलाए जा रहे सदस्यता महाअभियान के तहत ग्वालियर जिले में 3195 नए सदस्यों को पैक्स से जोड़ा गया है। इनमें 920 नए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) सदस्य बनाए गए हैं। इससे अधिक संख्या में किसानों के लिए सहकारी संस्थाओं के माध्यम से कृषि ऋण एवं अन्य सुविधाओं का लाभ लेने का रास्ता आसान हुआ है। खरीफ मौसम में पैक्स से ऋण लेने वाले किसानों का फसल बीमा भी कराया गया है।

18 हजार से अधिक किसानों को दिलाया खाद

    सहकारिता विभाग द्वारा कृषि कार्यों के लिए किसानों को आवश्यक खाद की उपलब्धता और सुचारू वितरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिले में प्राथमिक कृषि सहकारी संस्थाओं के माध्यम से 18,130 किसानों को लगभग 6800 मीट्रिक टन खाद का सुचारू रूप से वितरण किया गया है।
    खाद वितरण के साथ ही कृषि उपज उपार्जन, खाद वितरण एवं प्रबंधन तथा विभिन्न डिजिटल व्यवस्थाओं का प्रभावी संचालन, निगरानी और समन्वय सुनिश्चित किया जा रहा है। जिले की प्राथमिक सहकारी संस्थाओं में वास्तविक समय पर प्रक्रिया के संचालन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिससे संस्थाओं के कामकाज में पारदर्शिता और बेहतर निगरानी सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है।

किसानों को मिल रहीं आधुनिक बैंकिंग सुविधाएं

    सहकारी बैंकिंग सेवाओं को भी किसानों और आम नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाया जा रहा है। सावधि जमा पर अधिकतम 7.50 प्रतिशत तक ब्याज दर उपलब्ध है। इसके साथ ही व्यक्तिगत ऋण, गृह ऋण और एटीएम कार्ड जैसी आधुनिक बैंकिंग सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
    सहकारिता के माध्यम से किसानों को समय पर ऋण, कृषि सामग्री, फसल बीमा और आधुनिक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास प्रमुखता से किए जा रहे हैं।